नक्सल विरोधी अभियान ही वास्तव में माड बचाओ अभियान है।

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बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुदंर राज पी ने बताया कि नक्सल विरोधी अभियंान माड बचाओ अभियान के तहत कल तीन महिला सहिंत दस नक्सली मारे गए और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री प्राप्त हुई।
श्री सुदंर राज पी ने आज पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि नाराणपुर के सोनपुर कैंम और कांकेर के छोटे बेटिया कैंप से जिला रिर्जव पुलिस बल और स्पेशल टाॅस्क फोर्स के 590 जवान लगभग 40 किमी. से ज्यादा दुरी तक गस्त करते हुए छ.ग. महाराष्ट्र सीमा के करीब काकुरटेकामेदा के पास मुटभेड़ के दौरान तीन महिला सहिंत दस नक्सली मारे गए।
श्री सुदंर राज पी ने बताया कि छ.ग. में सभी नक्सली प्रभावित जगहों पर नक्सली महाराष्ट्र एवं विस्तार क्षेत्र में अपने प्रभाव बढाने की योजना बना रहे थे, जवानों ने इनके मनसूबों पर पानी फेर दिया। घटना स्थल पर जगंल में घात लगाये माओवादियों ने पुलिस के द्वारा खुद को घिरता देख कर जान से मारने एवं हथियार लुटने के मनसूबो से पुलिस पर अंधाधुन गोलियां चलाते रहंे। यह रूक-रूक कर 16 घंटे तक मुटभेड़ चली। सर्चिंग के दौरान तीन महिला सैनिक और सात नक्सली मारे गए। उनके पास से एक नग एके. 47, एक नग इंसास, थ्री नग रायफल, एक नग 315 रायफल तथा 12 बोर की बंदूक भी बरामद कि गई।
नक्सलियों की खोखली विचारधारा के विरूद्ध चलाया जा रहा नक्सल विरोधी अभियान ही वास्तव में माड बचाव अभियान है। माड और यहां के मूल वासियों को विदेशी नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें चरमपंथी सिद्धांतों के आकर्षण से निकालना ही हमारा मुख्य उदेश्य है।

 

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